ज्योतिष · विंशोत्तरी दशा
गुरु महादशा — 16 वर्ष की अवधि। यहाँ इसके नौ अंतर्दशा उप-काल हैं, शास्त्रीय पद्धति से गणना किए गए, अनुमान से नहीं।
गुरु · एक नज़र में
- अवधि
- 16 वर्ष
- स्वभाव
- शुभ
- कारक
- ज्ञान · संतान · धर्म
- स्वामी राशियाँ
- धनु · मीन
- उच्च राशि
- कर्क
- नीच राशि
- मकर
- वार
- गुरुवार
- दिशा
- उत्तर-पूर्व
गुरु अर्थात् बृहस्पति — विस्तार, ज्ञान और धर्म का कारक। सोलह वर्ष की यह महादशा आमतौर पर वृद्धि की अवधि मानी जाती है: शिक्षा, संतान, धन, और गुरुजनों का आशीर्वाद।
पर विस्तार अंधाधुंध नहीं होता। गुरु जिस भाव में बैठा है, वही क्षेत्र सबसे अधिक फलता है — और यदि गुरु दुर्बल या पीड़ित है, तो वही विस्तार अनुशासनहीनता या अति-आत्मविश्वास का रूप ले सकता है। असली फल कुंडली देखे बिना नहीं बताया जा सकता।
01नौ अंतर्दशाएँ, गणना सहित
हर महादशा नौ उप-अवधियों में बँटती है, प्रत्येक एक ग्रह के अधीन, उसी निश्चित विंशोत्तरी क्रम में जो स्वयं महादशा के स्वामी से शुरू होता है। इनकी अवधि अनुमान नहीं — महादशा के कुल वर्षों का अनुपात है।
| उप-काल | अवधि |
|---|---|
| गुरु–गुरुग्रह | 2व 1मा 18दि |
| गुरु–शनिग्रह | 2व 6मा 12दि |
| गुरु–बुधग्रह | 2व 3मा 6दि |
| गुरु–केतुछाया ग्रह | 0व 11मा 6दि |
| गुरु–शुक्रग्रह | 2व 8मा 0दि |
| गुरु–सूर्यग्रह | 0व 9मा 18दि |
| गुरु–चंद्रग्रह | 1व 4मा 0दि |
| गुरु–मंगलग्रह | 0व 11मा 6दि |
| गुरु–राहुछाया ग्रह | 2व 4मा 24दि |
सटीक आरंभ/अंत तिथियाँ आपकी जन्म-कुंडली पर निर्भर करती हैं — यह अनुपात-आधारित अवधि है, वास्तविक तारीख़ें नहीं।
इनमें से कोई भी अवधि अपने आप में निर्णय नहीं है। यह उस ग्रह की शास्त्रीय प्रवृत्ति है — पूरी कुंडली के साथ मिलाकर पढ़ा जाने वाला एक नज़रिया, भविष्यवाणी नहीं।
अपनी सटीक दशा समय-रेखा देखें
अपनी जन्म-तिथि, समय और स्थान दें — Karma Jyotiṣa आपकी असली विंशोत्तरी समय-रेखा निकालेगा, हर अंतर्दशा की सटीक तारीख़ों के साथ, मुफ़्त में।
02अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गुरु महादशा की अवधि कितनी है?
गुरु महादशा पारंपरिक विंशोत्तरी दशा प्रणाली में एक निश्चित अवधि की है — ऊपर दी गई तालिका देखें। यह अवधि हर व्यक्ति के लिए समान रहती है; बदलता है इसके भीतर के नौ अंतर्दशाओं का प्रभाव, जो कुंडली पर निर्भर करता है।
क्या गुरु की महादशा शुभ है या अशुभ?
कोई भी ग्रह-दशा अपने आप में पूरी तरह शुभ या अशुभ नहीं होती। फल इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कुंडली में यह ग्रह कितना बलवान है, किस भाव में बैठा है, और किन ग्रहों की दृष्टि उस पर है।
मैं अभी किस अंतर्दशा में हूँ, यह कैसे पता करूँ?
इसके लिए आपकी सटीक जन्म-तिथि, समय और स्थान चाहिए। Karma Jyotiṣa आपकी सही विंशोत्तरी समय-रेखा — हर अंतर्दशा की शुरुआत और अंत की तारीख़ — मुफ़्त में निकालता है।
