ज्योतिष · विंशोत्तरी दशा
सूर्य महादशा — 6 वर्ष की अवधि। यहाँ इसके नौ अंतर्दशा उप-काल हैं, शास्त्रीय पद्धति से गणना किए गए, अनुमान से नहीं।
सूर्य · एक नज़र में
- अवधि
- 6 वर्ष
- स्वभाव
- क्रूर
- कारक
- आत्मा · पिता · अधिकार
- स्वामी राशियाँ
- सिंह
- उच्च राशि
- मेष
- नीच राशि
- तुला
- वार
- रविवार
- दिशा
- पूर्व
सूर्य आत्मा और अधिकार का कारक है। छह वर्ष की यह महादशा अपेक्षाकृत छोटी है, पर इसका असर गहरा होता है — आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा, और पिता या सत्ता से जुड़े विषय इस दौरान सामने आते हैं।
सूर्य जितना बलवान होगा, यह अवधि उतनी ही अधिकार और मान्यता की ओर ले जाएगी। दुर्बल सूर्य में यही समय अहंकार के टकराव या अधिकारियों से तनाव के रूप में भी दिख सकता है — यह पूरी तरह कुंडली पर निर्भर है।
01नौ अंतर्दशाएँ, गणना सहित
हर महादशा नौ उप-अवधियों में बँटती है, प्रत्येक एक ग्रह के अधीन, उसी निश्चित विंशोत्तरी क्रम में जो स्वयं महादशा के स्वामी से शुरू होता है। इनकी अवधि अनुमान नहीं — महादशा के कुल वर्षों का अनुपात है।
| उप-काल | अवधि |
|---|---|
| सूर्य–सूर्यग्रह | 0व 3मा 18दि |
| सूर्य–चंद्रग्रह | 0व 6मा 0दि |
| सूर्य–मंगलग्रह | 0व 4मा 6दि |
| सूर्य–राहुछाया ग्रह | 0व 10मा 24दि |
| सूर्य–गुरुग्रह | 0व 9मा 18दि |
| सूर्य–शनिग्रह | 0व 11मा 12दि |
| सूर्य–बुधग्रह | 0व 10मा 6दि |
| सूर्य–केतुछाया ग्रह | 0व 4मा 6दि |
| सूर्य–शुक्रग्रह | 1व 0मा 0दि |
सटीक आरंभ/अंत तिथियाँ आपकी जन्म-कुंडली पर निर्भर करती हैं — यह अनुपात-आधारित अवधि है, वास्तविक तारीख़ें नहीं।
इनमें से कोई भी अवधि अपने आप में निर्णय नहीं है। यह उस ग्रह की शास्त्रीय प्रवृत्ति है — पूरी कुंडली के साथ मिलाकर पढ़ा जाने वाला एक नज़रिया, भविष्यवाणी नहीं।
अपनी सटीक दशा समय-रेखा देखें
अपनी जन्म-तिथि, समय और स्थान दें — Karma Jyotiṣa आपकी असली विंशोत्तरी समय-रेखा निकालेगा, हर अंतर्दशा की सटीक तारीख़ों के साथ, मुफ़्त में।
02अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सूर्य महादशा की अवधि कितनी है?
सूर्य महादशा पारंपरिक विंशोत्तरी दशा प्रणाली में एक निश्चित अवधि की है — ऊपर दी गई तालिका देखें। यह अवधि हर व्यक्ति के लिए समान रहती है; बदलता है इसके भीतर के नौ अंतर्दशाओं का प्रभाव, जो कुंडली पर निर्भर करता है।
क्या सूर्य की महादशा शुभ है या अशुभ?
कोई भी ग्रह-दशा अपने आप में पूरी तरह शुभ या अशुभ नहीं होती। फल इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कुंडली में यह ग्रह कितना बलवान है, किस भाव में बैठा है, और किन ग्रहों की दृष्टि उस पर है।
मैं अभी किस अंतर्दशा में हूँ, यह कैसे पता करूँ?
इसके लिए आपकी सटीक जन्म-तिथि, समय और स्थान चाहिए। Karma Jyotiṣa आपकी सही विंशोत्तरी समय-रेखा — हर अंतर्दशा की शुरुआत और अंत की तारीख़ — मुफ़्त में निकालता है।
