ज्योतिष जर्नल
सत्ताईस नक्षत्र, उनके स्वामी और पद, और जन्म-नक्षत्र से दशा कैसे तय होती है।
अश्विनी नक्षत्र के पहले पद में चंद्रमा हो तो मन कैसे सोचता है, कहाँ तेज़ है और कहाँ जल्दबाज़ी में उलझ जाता है, कुंडली के हिसाब से समझिए।