Karma Jyotiṣa · जर्नल

ज्योतिष जर्नल

गणना आधारित शास्त्रीय लेख — दशा समय-रेखा, नक्षत्र, योग और गोचर, महर्षि पराशर के BPHS पर आधारित।

भावों में ग्रह

चंद्रमा षष्ठ भाव में, मन जो लड़कर शांत होना सीखता है

षष्ठ भाव में चंद्रमा का क्लासिकल अर्थ, दैनिक संघर्ष, स्वास्थ्य संवेदनशीलता और भावनात्मक लचीलेपन के नज़रिए से, बिना किसी डर के।

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भावों में ग्रह

सूर्य षष्ठ भाव में, जब आत्मबल ही सबसे बड़ा हथियार बन जाता है

सूर्य षष्ठ भाव में हो तो प्रतिस्पर्धा, सेवा और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता स्वाभाविक रूप से मज़बूत हो जाती है।

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शुक्र चतुर्थ भाव में, घर जहाँ सुंदरता और सुकून दोनों बसते हैं

शुक्र चतुर्थ भाव में हो तो घर में आराम, सौंदर्य और भावनात्मक सुकून की एक गहरी चाहत और क्षमता दोनों होती है।

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गुरु चतुर्थ भाव में, वह आशीर्वाद जो घर की चारदीवारी से बाहर तक फैलता है

गुरु चतुर्थ भाव में हो तो घर, शिक्षा और मन की शांति में एक गहरी स्थिरता और उदारता का भाव आ जाता है।

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बुध चतुर्थ भाव में, घर जो एक क्लासरूम जैसा महसूस होता है

बुध चतुर्थ भाव में हो तो घर बातचीत, सीखने और छोटी छोटी योजनाओं से भरा रहता है, पर मन को टिकना थोड़ा मुश्किल लगता है।

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मंगल चतुर्थ भाव में, वह ग्रह जो घर को मैदान बना देता है

मंगल चतुर्थ भाव में हो तो घर, माँ और संपत्ति से जुड़े रिश्ते ऊर्जा से भर जाते हैं, कभी टकराव से तो कभी तेज़ फैसलों से।

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चंद्रमा चतुर्थ भाव में, वह जगह जहां मन को असली घर मिलता है

चंद्रमा चतुर्थ भाव में हो तो घर और मां से जुड़ा भावनात्मक सुकून जीवन की सबसे बड़ी ताकत बन जाता है, पूरी बात यहां समझिए।

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सूर्य चतुर्थ भाव में, घर की छत के नीचे एक राजा का स्वभाव

सूर्य चतुर्थ भाव में हो तो घर, मां और मानसिक शांति के साथ रिश्ता थोड़ा जटिल हो सकता है, समझिए इस प्लेसमेंट की पूरी परत।

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शुक्र तृतीय भाव में, हाथों से बनी कला और रिश्तों की मिठास

शुक्र तृतीय भाव में हो तो रचनात्मकता और भाई-बहन के रिश्तों में एक खास कोमलता आती है, पूरी बारीकी यहां जानिए।

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गुरु तृतीय भाव में, साहस को समझदारी से जोड़ने वाला प्लेसमेंट

गुरु तृतीय भाव में हो तो प्रयास और साहस के पीछे एक गहरी सोच काम करती है, जानिए यह प्लेसमेंट व्यवहार में कैसे दिखता है।

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भावों में ग्रह

बुध तृतीय भाव में, वह प्लेसमेंट जो आपकी बातचीत की शैली तय करता है

बुध तृतीय भाव में हो तो संवाद, लेखन और छोटे प्रयासों में एक अलग तरह की तेज़ी आती है, जानिए इसका असली मतलब क्या है।

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भावों में ग्रह

मंगल तृतीय भाव में, यह वह जगह है जहाँ मंगल सबसे सहज है

तृतीय भाव मंगल के लिए सबसे स्वाभाविक जगहों में से एक है, यहाँ पढ़िए साहस, भाई-बहन और आत्म-प्रयास पर इसका असली असर क्या है।

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