Karma Jyotiṣa · जर्नल

ज्योतिष जर्नल

गणना आधारित शास्त्रीय लेख — दशा समय-रेखा, नक्षत्र, योग और गोचर, महर्षि पराशर के BPHS पर आधारित।

भावों में ग्रह

चंद्रमा तृतीय भाव में, मन जो अपने बल पर चलता है

तृतीय भाव में चंद्रमा भावनात्मक साहस और आत्म-निर्भर मन का प्रतीक है, यहाँ जानिए यह प्लेसमेंट भाई-बहनों, संचार और मानसिक बल के बारे में क्या

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भावों में ग्रह

सूर्य तृतीय भाव में, वह साहस जो खुद कमाया जाता है

तृतीय भाव में सूर्य का मतलब है आत्म-प्रयास से बना साहस और नेतृत्व, यहाँ पढ़िए यह प्लेसमेंट भाई-बहनों, संचार और पुरुषार्थ के बारे में क्या कह

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भावों में ग्रह

शुक्र द्वितीय भाव में, सौंदर्य जब धन बन जाता है

द्वितीय भाव में शुक्र का मतलब है सुंदर वाणी, संचित सुख-साधन और परिवार में सौंदर्य-बोध, यहाँ जानिए यह प्लेसमेंट वास्तव में क्या कहता है।

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भावों में ग्रह

गुरु द्वितीय भाव में, वह धन जो सिर्फ पैसा नहीं है

द्वितीय भाव में गुरु का मतलब सिर्फ बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि वह ज्ञान, वाणी और मूल्य-बोध है जो परिवार असल दौलत की तरह देता है, यहाँ पढ़िए यह व

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भावों में ग्रह

बुध द्वितीय भाव में, जब शब्द ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी बन जाएँ

बुध द्वितीय भाव में होने पर वाणी, बुद्धि और धन-कमाने के तरीके पर क्या असर पड़ता है, एक विस्तृत क्लासिकल पड़ताल।

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भावों में ग्रह

मंगल द्वितीय भाव में, जब वाणी में धार और धन में जोखिम दोनों आ जाएँ

मंगल द्वितीय भाव में होने पर वाणी, पारिवारिक रिश्ते और धन-प्रबंधन में क्या बदलाव आता है, एक गहराई से लिखी क्लासिकल पड़ताल।

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भावों में ग्रह

चंद्रमा द्वितीय भाव में, जब भावनाएँ ही आपकी बोली और आपका धन तय करें

चंद्रमा द्वितीय भाव में होने पर धन, भोजन की आदतें और वाणी में भावनात्मक गहराई कैसे उतरती है, एक विस्तृत क्लासिकल पड़ताल।

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भावों में ग्रह

सूर्य द्वितीय भाव में, जब आत्मसम्मान ही आपकी असली पूंजी बन जाए

सूर्य द्वितीय भाव में होने पर धन, वाणी और पारिवारिक मूल्यों पर क्या असर पड़ता है, एक गहराई से लिखा हुआ क्लासिकल विश्लेषण।

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भावों में ग्रह

शुक्र एकादश भाव में, जब लाभ का ग्रह आपके नेटवर्क में बैठ जाए

शुक्र एकादश भाव में होने पर आय, दोस्ती और इच्छाओं की पूर्ति कैसे आकार लेती है, क्लासिकल ज्योतिष के आधार पर एक ईमानदार पड़ताल।

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कुंडली और तकनीक

सूर्य कभी वक्री क्यों नहीं होता: एक आम गलतफहमी का स्पष्टीकरण

सूर्य और चंद्रमा कभी वक्री नहीं होते, यह ज्योतिष और खगोल विज्ञान दोनों से जुड़ी एक ज़रूरी सच्चाई है।

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भावों में ग्रह

मंगल एकादश भाव में: दोस्त जो प्रतिस्पर्धा पर चलते हैं

मंगल एकादश भाव में हो तो दोस्ती और लाभ अक्सर मुकाबले और साझा लक्ष्य से बनते हैं, पूरी व्याख्या पढ़ें।

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भावों में ग्रह

गुरु एकादश भाव में: लाभ जो दूसरों की जीत चाहने से मिलता है

गुरु एकादश भाव में हो तो लाभ अक्सर दूसरों की भलाई चाहने से आता है, इस शुभ स्थिति की गहराई से समझ।

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