Karma Jyotiṣa · जर्नल

ज्योतिष जर्नल

गणना आधारित शास्त्रीय लेख — दशा समय-रेखा, नक्षत्र, योग और गोचर, महर्षि पराशर के BPHS पर आधारित।

भावों में ग्रह

बुध एकादश भाव में: दोस्ती जो बात करने से बनती है

बुध एकादश भाव में हो तो नेटवर्क, दोस्ती और कमाई बातचीत और विचारों के ज़रिए बनते हैं, पूरी व्याख्या पढ़ें।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

चंद्रमा पंचम भाव में: दिल जो विचारों से भी प्यार कर लेता है

चंद्रमा पंचम भाव में हो तो मन रचनात्मकता, संतान और प्रेम से गहराई से जुड़ जाता है, जानें इसका असली मतलब।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

शुक्र पंचम भाव में: प्रेम एक रचनात्मक काम की तरह

शुक्र पंचम भाव में हो तो प्रेम, कला और रचनात्मकता आपस में गुंथ जाते हैं। जानें असली मतलब, आम गलतफहमियां और महादशा का असर।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

सूर्य एकादश भाव में: महत्वाकांक्षा को बराबर के लोगों की ज़रूरत क्यों होती है

सूर्य एकादश भाव में हो तो लक्ष्य और महत्वाकांक्षा दोस्तों और समुदाय से जुड़कर पूरे होते हैं। जानें असली मतलब और महादशा का असर।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

गुरु दशम भाव में: करियर जो भरोसा जीतने पर टिका है

गुरु दशम भाव में हो तो करियर सलाह, शिक्षा और भरोसे पर टिका होता है। जानें असली मतलब, आम गलतफहमियां और महादशा का असर।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

बुध लग्न में: दिमाग जो कभी चुप नहीं रहता

बुध लग्न में हो तो व्यक्तित्व बुद्धि, संवाद और लगातार सोचते रहने से बनता है। जानें असली मतलब, आम गलतफहमियां और दशा का असर।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

शुक्र दशम भाव में: करियर जो पसंद किए जाने पर टिका है

शुक्र दशम भाव में हो तो करियर में सौंदर्य, कला और लोकप्रियता का बड़ा हाथ होता है, पर इसका एक छुपा हुआ दबाव भी है।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

मंगल पंचम भाव में: जब प्यार में भी प्रतिस्पर्धा आ जाती है

मंगल पंचम भाव में हो तो प्रेम, संतान और रचनात्मकता में तीव्रता और प्रतिस्पर्धा दोनों आती हैं। जानें असली मतलब, आम गलतफहमियां और दशा का असर।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

चंद्र एकादश भाव में: दोस्ती ही भावनात्मक घर है

चंद्र एकादश भाव में हो तो भावनात्मक सुरक्षा परिवार से ज़्यादा दोस्तों और समुदाय में मिलती है, पूरी गहराई से समझिए।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

सूर्य पंचम भाव में: जब रचनात्मकता खुद की पहचान बन जाती है

सूर्य पंचम भाव में हो तो रचनात्मक अभिव्यक्ति ही आत्म-सम्मान का ज़रिया बन जाती है, जानिए इसका गहरा मनोवैज्ञानिक अर्थ।

पढ़ें →
त्योहार और पंचांग

होली 2027: रंगों से पहले अलाव क्यों आता है, और यह इत्तेफ़ाक़ नहीं है

होली 2027, 21 मार्च की रात से 22 मार्च तक चलती है। इसका दो-भाग वाला ढांचा, होलिका दहन पहली रात, फिर रंग अगली सुबह, इत्तेफ़ाक़न नहीं है।

पढ़ें →
भावों में ग्रह

गुरु लग्न में: समझदार दिखने का बोझ

गुरु लग्न में हो तो व्यक्तित्व में विस्तार और ज्ञान तो आता है, पर साथ में "हमेशा सही होने" की अनकही ज़िम्मेदारी भी, पूरी व्याख्या।

पढ़ें →